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भेल कर्मचारियों ने फूंका प्रबंधन व केंद्रीय नेताओं का पुतला
भेल कर्मचारियों ने फूंका प्रबंधन व केंद्रीय नेताओं का पुतला

हरिद्वार।  भेल की हीप एवं सी.एफ.एफ.पी. की 3 यूनियनों द्वारा भेल सी.एफ.एफ.पी. मेन गेट पर पी.पी. एवं बोनस के लिये संयुक्त समिति की बैठक ना बुलाये जाने, 5 वर्ष से अधिक होने पर भी यूनियन के मान्यता के चुनाव अभी तक ना होने, मृतक आश्रित के परिवार को रेगुलर नौकरी ना देने, एक करोड़ रूपये के टर्म इंश्योरेंस को लागू ना करने के विरोध में भेल प्रबन्धन एवं केन्द्रीय नेताओं का पुतला दहन किया गया। इस दौरान भेल के सैकड़ों मजदूर शामिल रहे।

        इस अवसर पर हैवी इलैक्ट्रिकल्स वर्कर्स ट्रेड यूनियन के महामंत्री विकास सिंह ने कहा कि भेल प्रबन्धन और केन्द्रीय नेताओं की मिलीभगत से कोरोना की आड़ में मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं जैसे अप्रैल 2020 से इंसेंटिव, बोनस, पी.पी., नाईट एलाउंस, कैन्टीन सब्जिडी, व्हीकल सब्जिडी आदि की या तो कटौती कर दी या तो बंद कर दिया। जबकि अधिकारियों को मिलने वाली मोबाइल खरीदने की सुविधा व इसका बिल, फर्नीचर, कर्टसी आदि में किसी भी प्रकार की कोई भी कटौती नहीं की गई है। 9 अक्टूबर 2020 को करोना महामारी में जबकि कम्पनी लॉस में थी, करोड़ों रूपयों का पी.आर.पी. बाँट दिया गया परन्तु प्रबन्धन ने अभी तक वित्तीय वर्ष 2019-2020 एवं 2020-2021 के पी. पी. एवं बोनस की अभी तक संयुक्त समिति की बैठक नहीं बुलाई है। केन्द्रीय नेता भेल प्रबन्धन से निजी लाभ लेकर मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती करा रहे है।

      सी.एफ.एफ.पी. श्रमिक यूनियन के महामंत्री अमित गोगना ने कहा कि कोरोना से जिन कर्मचारियों की मृत्यु हुई है। उन कर्मचारियों के आश्रित को योग्यतानुसार रेगुलर सेवा हेतु तत्काल पॉलिसी बनाई जाये। क्वार्टर आवंटन एवं मृत्यु सहायता राशि को 5 वर्ष तक ना करते हुये इसे कर्मचारी की सेवानिवृत्ति तिथि तक किया जाये और जिन कर्मचारियों की सामान्य मृत्यु हुई है उन्हें भी इस पॉलिसी के अंतर्गत शामिल किया जाये। हैवी इलैक्ट्रिकल्स वर्कर्स ट्रेड यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष रवि कश्यप ने कहा कि यूनियन के मान्यता के चुनाव हुये 5 वर्ष से अधिक हो चुके है लेकिन केन्द्रीय नेताओं द्वारा कोरोना की आड़ लेकर भेल में मान्यता के चुनाव होने नहीं दे रहे है। जबकि पूरे भारतवर्ष में लोक सभा, विधान सभा, नगर निगम, नगर पंचायत आदि के चुनाव हो रहे है और यहीं केन्द्रीय नेता उन चुनावों में बड़ी बड़ी जनसभायें कर रहे है। भेल प्रबन्धन को लोकतान्त्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुये तत्काल भेल में यूनियन्स् के मान्यता के चुनाव कराने चाहिये।

       सेन्ट्रल फॉउण्ड्री फोर्ज वर्कर्स यूनियन के महामंत्री जय शंकर ने कहा कि पाँचवें फेस की लॉटरी निकले हुये लगभग 17 वर्ष से अधिक हो चुके है। यह मामला कोर्ट में लम्बित पड़ा हुआ है। जिसके कारण से कर्मचारियों को भूमि का आवंटन नहीं हो पा रहा है। हम भेल प्रबन्धन से पुरजोर माँग करते है कि वर्ष 2005 में आवेदकों एवं वर्तमान में जो भी कर्मचारी सेवारत है, इस फेस की जमीन पर उन सभी को मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर आवास आवंटित कर दिये जाये।

     प्रदर्शन व पुतला दहन में रवि कश्यप, बी.जी. शुक्ला, अशोक सिंह, सलीम अहमद, ईसम पाल, िऋषी पाल, बलवीर सिंह रावत, राकेश मालवीय, अरविन्द मावी, कामता प्रसाद, सत्येन्द्र प्रताप सिंह, कमलेश राय, ओम प्रकाश मीना, पी. के. वशिष्ठ, नवीन कुमार, हरिहर प्रसाद, विजय, रोशन मिंज, नवीन गिरी ,मोहित ,भूपेंद्र रावत  हरीश साहू संदीप जोशी, दिवस श्रीवास्तव, वीरेन्द्र सिंह भदौरिया, इश्तिखार, विजय यादव, ओम प्रकाश मीना , अवधेश  ,विपिन कश्यप शत्रुघन सेनापति ,अरविंद भगत, जयप्रकश ,दयाशंकर ,शिवशंकर, अरविंद ,शिवलाल, इंदरजीत भंडारी, विनीत ,दीपक, अमित ,सुरेंद्र रावत , प्रभाकर ,आदेश कुमार विकास परीदा , अजय कुमार राजवीर , एस के मोकिम, दुर्गाचरण पांडा, इंदरजीत यादव ,मनोज राय राम अवध यादव, चंदन  ,जितेंद्र ,भवानी प्रसाद, धर्मेश गुप्ता, अमित पाण्डे, सुरेन्द्रर गुप्ता, अजीत पाल सोहेल, अमरजीत सिंह, चंदन देव, कन्हैया लाल, हरद्वारी लाल यादव, जय प्रकाश राय, बाबू लाल, पूरण सिंह रावत, अनिल यादव, चन्द्रमान, नीरज टोंक आदि सहित भेल के सैकड़ों कर्मचारी शामिल रहे।

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