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वन अनुसंधान संस्थान द्वारा हिमालय दिवस के अवसर पर हिमालय में ब्लैक कार्बन प्रदूषण और इसके शमन पर व्याख्यानमाला आयोजित
आईसीएफआरई

देहरादून। वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून द्वारा हिमालय दिवस के अवसर पर हिमालय में ब्लैक कार्बन प्रदूषण और इसके शमन पर एक ऑनलाइन व्याख्यानमाला आयोजित की गयी। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉण् कलाचंद साइन के द्वारा व्याख्यान दिया गया ।

     कार्यक्रम के प्रारम्भ में सुश्री ऋचा मिश्रा, प्रमुख विस्तार प्रभाग, वन अनुसंधान संस्थान ने सभी का स्वागत किया और श्री अरुण सिंहए रावतए महानिदेशकए भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद, देहरादून द्वारा कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उद्घाटन भाषण में श्री रावत ने कहा कि हिमालय कई नदियों का उद्गम स्थल है जो हमारी जीवन रेखा है। उन्होंने उल्लेख किया कि हम सभी अपने अस्तित्व और आजीविका के लिए हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर हैं। मानव हस्तक्षेप के कारण और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन ने भूकंपए बाढ़ और सूखे के रूप में हमारे लिए एक खतरनाक स्थिति पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित प्रकृति के अस्तित्व के लिए और  पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित करने के लिए पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना हमारा नैतिक कर्तव्य है।

    डॉ0 साइन ने अपने व्याख्यान में उल्लेख किया कि ब्लैक कार्बन ज्यादातर बायोमास के जलने और धुएं के उत्सर्जन से उत्पन्न होता हैए जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करके ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि ब्लैक कार्बन से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक और सौर ऊर्जा के उपयोग को घरेलू और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए अधिक  से अधिक  किया जाना चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि ब्लैक कार्बन जनित प्रदूषण की निगरानीए प्रबंधन और शमन के लिए लोगों की भागीदारी में एक प्रभावी रणनीति तैयार की जानी चाहिए। 

     कार्यक्रम में एफआरआई के विभिन्न अधिकारियों और वैज्ञानिकों और आईसीएफआरई के तहत अन्य सहयोगी संगठनों, निदेशक, आईजीएनएफए के साथ.साथ एफआरआई डीम्ड विश्वविद्यालय के संकाय और परिवीक्षाधीन, संकाय और छात्र और सीएएसएफओएसए देहरादून के अधिकारी प्रशिक्षुओं सहित देश के विभिन्न भागों से 70 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। 
 
  विस्तार प्रभाग के डॉण् चरण सिंह वैज्ञानिक.एफ के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
 

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