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दीपा हत्याकांड के दोनों आरोपियों का आजीवन कारावास
herald

नैनीताल। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की अदालत से शनिवार को दीपा हत्याकांड के दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मुख्य आरोपी को एक लाख पांच हजार व सह आरोपी को 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास होगा। आरोपियों पर दोष सिद्ध करने के लिए डीजीसी सुशील शर्मा ने 13 गवाह पेश किए व सर्विलांस के माध्यम से मृतका व दोनों आरोपियों की कॉल डिटेल व मोबाइल लोकेशन साबित किया।

    अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट को बताया गया कि सात जुलाई 2016 को जोगा राम निवासी दुपरौली थाना बेरीनाग जिला पिथौरागढ़ व मोहन राम निवासी बना कांडा बागेश्वर टाटा सूमो से रामनगर को निकले। मुखानी चौराहे से वह बड़यूड़ा गणाई गंगोली, जिला पिथौरागढ़ निवासी दीपा को घुमाने के बहाने कालाढूंगी वाया रामनगर, बाजपुर व काशीपुर ले गए। हल्द्वानी लौटते समय दोनों ने गड़प्पू जंगल के पास दीपा से छेड़खानी कर दी। दीपा के विरोध करने पर दोनों ने उसकी हत्या कर शव भाखड़ा पुल के पास फेंक दिया। 11 जुलाई को शव मिलने पर भाई कमलेश कुमार ने उसकी शिनाख्त की। पुलिस ने मामले में थाना कालाढूंगी में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। कमलेश ने जोगा राम के घर आने जाने के बयान पर टिकी जांच पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

    कोर्ट ने जोगा राम निवासी दुपरौली थाना बेरीनाग जिला पिथौरागढ़ को धारा 302 में आजीवन कारावास ए‌वं एक लाख रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास होगा। शव को जंगल में छुपाने की धारा में तीन वर्ष की सजा व पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छ: माह का अतिरिक्त कारावास होगा। सह आरोपी मोहन को 302 में आजीवन कारावास व दस हजार अर्थदंड व शव छुपाने पर तीन वर्ष की सजा व पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देन पर क्रमश: एक वर्ष व छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा। 

    न्यायालय के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए हैं कि वह मृतका के बच्चों को प्रतिकर दिलाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करे

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