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अर्न्तराष्ट्रीय लोकतन्त्र दिवस के अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल द्वारा ऑनलाईन सेमिनार आयोजित
अर्न्तराष्ट्रीय लोकतन्त्र दिवस के अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल द्वारा ऑनलाईन सेमिनार आयोजित

पौड़ी।
अर्न्तराष्ट्रीय लोकतन्त्र दिवस के अवसर पर आज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल द्वारा ऑनलाईन सेमिनार का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। अन्तराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर आयोजित ऑनलाईन सेमिनार में विभिन्न गणमान्य लोगों ने अपने-अपने विचार रखे।

में fddg sdsd      सिविल जज(सीडी)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल संदीप कुमार तिवारी ने जानकारी दी कि यह सेमिनार मा. उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशानुसार आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिनांक 08 नवम्बर 2007 को संयुक्त राष्ट्रसंघ की आमसभा के द्वारा हर वर्ष दुनिया के देशों में लोकतंत्र की समीक्षा व पुर्नवलोकन हेतु 15 सितम्बर को अन्तराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाये जाने की घोषणा की गयी थी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों के पुर्नवलोकन व लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा हेतु प्रत्येक वर्ष लोकतांत्रिक राष्ट्रों के द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अर्न्तराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है। साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान आदि राष्ट्रों में लोकतन्त्र न होने पर चिन्ता जताते हुये भारतीय लोकतंत्र की प्रशंसा करते हुये उसमें अन्य सुधार किये जाने की जरूरत बतायी।

      कार्यक्रम में हेमवती नन्दन बहुगुणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय गढ़वाल के विधि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ० एस०सी० गुप्ता ने लोकतंत्र के अर्थ एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुये विभिन्न संवैधानिक प्रावधानों व माननीय उच्चतम न्यायालय के न्याय निर्णयों के साथ राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर पर लोकतंत्र की प्रासंगिकता की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने मत देने के अधिकार के सम्बन्ध में बताया कि मा. उच्चतम न्यायालय को लोकतांत्रिक मूल्यों व संस्थाओं की रक्षा करने वाला सच्चा प्रहरी बताया गया।

     गढ़वाल विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ० एम०एम० सेमवाल ने भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों एवं चुनौतियों पर अपना विस्तृत व्याख्यान देते हुये जनता को लोकतांत्रिक राष्ट्रों में विपक्ष की भूमिका में आने लोकतांत्रिक सरकारों पर प्रभावी तरीके से कार्य करने हेतु दबाव बनाने वाले तंत्र के रूप में कार्य करने के लिये आयानित किया। उन्होंने कहा कि नायक पूजा का बहिष्कार होना चाहिए और राजनैतिक दलो के अन्दर लोकतंत्र जीवित रहना चाहिए अन्यथा चाहकर भी हम लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर सकते। आयोजित सैमिनार में वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार ने लोकतंत्र के प्रति जागरूकता विषय पर अपने विचार रखते हुये लोकतान्त्रिक मूल्यों की रक्षा करने हेतु सभी को सजग रहने एवं अपने मताधिकार का प्रयोग सोच समझकर बिना किसी भय से करना चाहिये।

    कार्यक्रम के अन्त में सभी प्रतिभागीगणों द्वारा खड़े होकर ऑडियो विडियो के माध्यम से संचालित राष्ट्रगान में प्रतिभाग कर लोकतंत्र के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की गयी।

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