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अगले माह के प्रारम्भ में हो सकती है राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक
Uttarakhand Herald

देहरादून।  राज्य परिवहन प्राधिकरण, यानी एसटीए की बैठक अगले माह की शुरुआत में हो सकती है। इस बैठक में वाहन किराया, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच नए मार्गों व परमिटों पर कार्रवाई के संबंध में चर्चा संभावित है।

      उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के कारण बीते दिसंबर से एसटीए की बैठक नहीं हो पाई है। नियमानुसार हर तीन माह में एसटीए की बैठक होनी चाहिए। देखा जाए तो कोरोना संक्रमण के कारण बीते एक वर्ष से किराया निर्धारण नहीं हो पाया है। इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट एसटीए की बैठक में रखी जानी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से हुए परिवहन समझौतों के प्रस्ताव भी फिलहाल लंबित चल रहे हैं।

        उत्तराखंड के कुछ ऐसे मार्ग, जो उत्तर प्रदेश की सीमा से होकर गुजरते हैं, इन मार्गों से गुजरने के लिए उत्तराखंड के वाहनों को टैक्स देना होता है। यह मसला भी प्राधिकरण के जरिये पारित करा कर उत्तर प्रदेश परिवहन प्राधिकरण के समक्ष रखा जाना है। इसके साथ ही परमिटों का नवीनीकरण, वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर कार्रवाई पर भी चर्चा बैठक में होनी है। इन सब विषयों में सबसे अहम वाहन किराया है।

        दरअसल, एसटीए में बीते वर्ष यह तय किया गया था कि परिवहन निगम और व्यावसायिक वाहनों का किराया हर वर्ष तय किया जाएगा। बीते एक वर्ष में पेट्रोल व डीजल समेत अन्य वस्तुओं की कीमत बढऩे के कारण वाहन स्वामी भी किराये में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, जिसका फैसला एसटीए ने ही करना है। इस वर्ष एसटीए की बैठक मार्च में प्रस्तावित थी, लेकिन विभिन्न कारणों से बैठक नहीं हो पाई। इसके बाद चारधाम यात्रा को देखते हुए बैठक बुलाई जानी प्रस्तावित की गई।

       इस बीच कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर गति पकड़ गई। इसे देखते हुए फिर बैठक नहीं हो पाई। अब संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं तो एक बार फिर एसटीए की बैठक पर विचार किया जा रहा है।आयुक्त परिवहन दीपेंद्र चौधरी का कहना है कि बैठक के लिए विषय तैयार किए जा रहे हैं। ऐसे में अगले माह बैठक बुलाई जा सकती है।

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