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मनीष सिसोदिया ने उत्तराखंड की जनता को किया वर्चुअली संबोधित
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आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को वर्चुअली जुडक़र उत्तराखंड की जनता को संबोधित करते हुए नव-परिवर्तन संवाद का आगाज किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली की जनता ने दिल्ली में आप की सरकार को वोट देकर चुना, ठीक वैसे ही उत्तराखंड की जनता भी अबकी बार आप पार्टी की सरकार को चुने ताकि दिल्ली जैसा विकास उत्तराखंड में भी संभव हो पाए। उन्होंने कहा कि 35 दिन बाद उत्तराखंड में नई सरकार के लिए चुनाव होना है।

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को वर्चुअली जुडक़र उत्तराखंड की जनता को संबोधित करते हुए नव-परिवर्तन संवाद का आगाज किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली की जनता ने दिल्ली में आप की सरकार को वोट देकर चुना, ठीक वैसे ही उत्तराखंड की जनता भी अबकी बार आप पार्टी की सरकार को चुने ताकि दिल्ली जैसा विकास उत्तराखंड में भी संभव हो पाए। उन्होंने कहा कि 35 दिन बाद उत्तराखंड में नई सरकार के लिए चुनाव होना है।

      मनीष सिसोदिया ने कहा कि 14 फरवरी को नई सरकार के लिए चुनाव होना है। लेकिन यह चुनाव सिर्फ नई सरकार के लिए नहीं होगा बल्कि इस चुनाव से कई सवाल जुड़े हुए हैं कि यहां की शिक्षा बेहतर कैसी होगी, यहां के युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा, यहां की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो पाएगा, क्या पलायन पर रोक लग पाएगी, यह चुनाव इन सवालों से सीधे जुड़ा होगा। मनीष सिसोदिया ने कहा कि यहां के लोगों ने इस राज्य के लिए लंबी लड़ाई लड़ते हुए आंदोलन किए क्योंकि उस वक्त लखनऊ बहुत दूर हुआ करता था लेकिन अफसोस कि उत्तराखंड का विकास और भला आज तक 21 सालों में भी नहीं हो पाया। 21 साल पहले एक महान आंदोलन के बाद उत्तराखंड का जन्म हुआ - देवभूमि की माताओं, युवाओं, बुजुर्गों के संघर्ष से मिला है उत्तराखंड राज्य। 21 साल पहले जो आंदोलन लड़ा गया था उसका फायदा सिर्फ कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं को हुआ लेकिन यहां की जनता के हाथ आज भी खाली हैं। आज भी यहां के लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। 21 साल पहले स्कूलों और अस्पतालों की जो स्थिति हुआ करती थी वो स्थिति आज भी वैसी ही बनी हुई है। यहां की जनता को तो कुछ हासिल नहीं हुआ लेकिन यहां के नेता 21 सालों में मालामाल हो गए। उन्होंने आगे कहा कि पहले जब जनता किसी सरकार से परेशान हो जाती थी तो वो उस सरकार को अपने वोट से बदल कर अन्य दल की सरकार बनाती थी, लेकिन 21 साल बाद भी उत्तराखंड के लिए देखे गए सपने अधूरे है। जिन नेताओं को हमने सत्ता की चाबी दी, उन्होंने बस अपना विकास किया. चाहे भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही दलों ने पांच साल तुम लूटो पांच साल हम लूटेंगे के मंत्र से सरकारें चलाई। बेईमान राजनीति ने उत्तराखंड की जनता को निराशा के गर्त में धकेल दिया है। लेकिन अब समय आ गया है कि इस लूट को हर हाल में बंद करना है।

    मनीष सिसोदिया ने कहा  कि अब सवाल सिर्फ आप पार्टी को वोट देने तक सीमित नहीं है बल्कि उत्तराखंड के युवाओं के सपने पूरे करने का सवाल सबसे अहम है। अगर 21 सालों में इन सरकारों द्वारा कुछ किया गया होता तो आज महिलाएं प्रसव के दौरान दम नहीं तोड़ती, अगर दोनों दलों द्वारा कुछ किया होता तो आज प्रदेश में अच्छे अस्पतालों का अभाव नहीं होता, अगर दोनों दलों द्वारा कुछ किया होता तो उत्तराखंड  के स्कूल आज शानदार होते और लोगों को पलायन नहीं करना पड़ता और अन्य राज्यों के लोग भी यहां आते , लेकिन बडे दुर्भाग्य की बात है कि इन दोनों दलों ने 21 सालों में कुछ नहीं किया जिसका खामियाजा आज प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। आज यहां की हालत यह है कि जनता के लिए न तो अच्छे अस्पताल हैं, न अच्छे स्कूल हैं, न सस्ती बिजली-पानी है, न अच्छी सडक़ें है और न ही रोजगार है।  मनीष सिसोदिया ने कहा कि  राज्य का सपना इसलिए देखा गया था कि यहां के लोगों की अपनी सरकार हो लेकिन अफसोस कि दोनों दल सरकार बनने के बाद भी कुछ विकास नहीं कर पाए और प्रदेश से लोगों का पलायन लगातार जारी रहा। उत्तराखंड को नई राजनीति की जरुरत है - जिसके केंद्र में आम आदमी हो ऐसा विकल्प सिर्फ आम आदमी पार्टी दे सकती है। उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड में बिजली बनती है लेकिन यहां के लोगों को बिजली मुफ्त नहीं मिलती। आज यहां के नेताओं ने इन 21 सालों में अपना विकास किया है ,यहां के नेताओं ने अपने बैंक बैलेंस बना लिए हैं। उन्होंने कहा कि जनता इनके 21 साल पुराने और अब के बैंक बैलेंस चेक कर लें दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा। 2022 का चुनाव किसी पार्टी की सरकार बनाने का चुनाव नहीं, उत्तराखंड को बचाने का चुनाव है ।मनीष सिसोदिया ने कहा की उत्तराखंड की जनता से निवदेन किया कि अब उत्तराखंड को खड़ा करने का समय आ गया है। अब उत्तराखंड में नव-परिवर्तन  की जरूरत है। नवनिर्माण के लिए नव-परिवर्तन का मकसद - उत्तराखंड को वैसा खुशहाल और विकसित प्रदेश बनाना, जैसा हमारे शहीद आंदोलनकारी चाहते थे, जैसा हमारी मातृ शक्ति चाहती थी ।

       सिसोदिया ने कहा कि आज उत्तराखंड को आम आदमी पार्टी के रुप में नया विकल्प मिल चुका है। अब उत्तराखंड से दोनों दलों की राजनीति खत्म करनी है। अरविंद केजरीवाल उत्तराखंड के लिए नया विकल्प होने के साथ एक नई उम्मीद हैं। उत्तराखंड में महज 3 प्रतिशत बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल पाती है जबकि 97 प्रतिशत बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलती। यहां के अधिकांश बच्चे अच्छे से पढ़ लिख नहीं सकते ,क्योंकि उनको स्कूलों में अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के 100 प्रतिशत बच्चों को  शिक्षा चाहिए, जनता को अच्छी स्वास्थ्य सेवा, युवाओं को बेहतर रोजगार चाहिए, ये आखिर जनता को देगा कौन, ये आम आदमी पार्टी ही दे सकती है। क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी आजतक यह सब देने में नाकाम रही है। मनीष सिसोदिया ने जनता से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता को 14 फरवरी को यह सोचना है कि प्रदेश के संसाधनों का सदुपयोग हो सके, यहां का विकास अच्छे से हो सके, अच्छी शिक्षा बच्चों को मिल सके, अच्छी चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें, अब लोगों के पास सिर्फ एक महत्वपूर्ण अवसर है ,इसलिए उत्तराखंड के हक लिए उत्तराखंड को वोट दीजिए ,आप को वोट दीजिए। उन्होंने कहा कि बदहाल हो चुके अस्पतालों स्कूलों को संवारना, परिसंपत्ति में उत्तराखंड का हक दिलाना हो, बंजर हो चुके खेत-खलिहानों में हरियाली लौटाना हो, खंडहर और वीरान हो चुके गांवों को फिर से आबाद करना हो, युवाओं को रोजगार ,पर्यटन के क्षेत्र में ऊंचे मुकाम हासिल करना, देवभूमि को पूरी दुनिया के हिंदुओं की आध्यात्मिक राजधानी बनाना है ,तो एक मौका सिर्फ अरविंद केजरीवाल को देकर आप को वोट दीजिए। आपने दोनों पार्टी को 10-10 साल दिए, एक मौका आम आदमी पार्टी को देके दीजिए, एक मौका केजरीवाल और कोठियाल को दीजिये, हम शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाएंगे। आप पार्टी सिर्फ वादे नहीं करती बल्कि काम करके दिखाती है ,जैसा दिल्ली में काम किया वैसा ही उत्तराखंड में भी करके दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ घोषणा नहीं करते बल्कि गांरटी देते हैं ,क्योंकि हम भविष्य बनाना और विकास करना जानते है।

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