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अपनों का ही कत्ल कर रहे रोहिंग्या आतंकी, रिफ्यूजी कैंप में की समुदाय के नेता की हत्या
Uttarakhand Herald

कुटुपलोंग। रोहिंग्या समुदाय के मारे गए नेता मोहिब उल्लाह के भाई ने कहा है कि उनकी लोकप्रियता और सही कामों की वजह से चरमपंथियों ने उन्हें मार डाला है। मोहिब हाल के सालों में 2017 से म्यांमार में हुए हिंसा से भागने के बाद से बांग्लादेश के शिविरों में फंसे 8.5 लाख रोहिंग्या शरणार्थियों के प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में सामने आए थे। 29 सितंबर की देर रात अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी जिसके बाद बांग्लादेशी अधिकारियों को शिविरों में सैंकड़ों अतिरिक्त सशस्त्र पुलिस तैनात करनी पड़ी है।

    मोहिब के भाई हबीब ने कहा है कि उनके भाई को हाल के महीनों में अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी से जान से मारने की धमकी मिली थी और इस ग्रुप के कम से कम आठ लोगों ने  मोहिब को मार डाला है। वे अक्सर मेरे भाई को अलग-अलग फोन नंबरों से जान से मारने की धमकी देते थे। अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मीने सिर्फ मेरे भाई को नहीं मारा है, उन्होंने हमारे महान नेता को मार डाला है।

      पुलिस ने कहा है कि कम से काम 4 अज्ञात हमलावर गोलीबारी में शामिल थे। हमला तब हुआ जब मोहिब अपने कार्यालय के बाहर समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत कर रहे थे।  पुलिस प्रवक्ता रफीकुल इस्लाम ने बताया है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

    मोहिब उल्लाह ने अराकान रोहिंग्या सोसाइटी फॉर पीस एंड ह्यूमन राइट्स की स्थापना की थी, जिसने 2017 के हमले के दौरान म्यांमार सेना द्वारा मुस्लिमों के खिलाफ कथित रूप से किए गए अत्याचारों का दस्तावेजीकरण किया था। अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी ने घटना को लेकर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी पश्चिमी रखाइन प्रांत के रोहिंग्या गांवों में रहने वाले हिंदुओं पर हमलों के लिए भी जिम्मेदार है।

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