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सेवा समाप्त करने से भडक़े शिक्षकों का मदरसे में धरना
सेवा समाप्त करने से भडक़े शिक्षकों का मदरसे में धरना

विकासनगर। सहसपुर ब्लॉक के जामि उल उलूम मदरसा ढ़ाकी के शिक्षकों ने मदरसे की इंतजामिया कमेटी पर शोषण का आरोप लगाते हुए गुरुवार को मदरसे में धरना दिया। शिक्षकों का आरोप है कि पिछले साल मार्च माह के बाद से उन्हें वेतन नहीं दिया गया। जबकि वर्तमान शिक्षा सत्र में उन्हें सिर्फ मार्च और अप्रैल माह का ही वेतन दिया गया। अब कमेटी ने एक साथ करीब तीस शिक्षकों को सेवा समाप्त करने का नोटिस थमा दिया है।

            शिक्षकों ने बताया कि सभी करीब बीस साल से मदरसे में बतौर शिक्षक अपनी सेवा दे रहे हैं। अल्प मानदेय पर अल्पसंख्यक समुदाय के नौनिहालों को शिक्षिक करने के साथ ही सेवित बस्ती में कई सामाजिक मसलों पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। गत वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन लागू होने के बाद से ही उन्हें मदरसे की इंतजामिया कमेटी ने कोई वेतन नहीं दिया है। शिक्षकों ने वेतन के लिए कभी कमेटी पर दबाव भी नहीं डाला। इस शिक्षा सत्र में भी मात्र दो माह का वेतन दिया गया है। अब जुलाई माह से शिक्षण संस्थानों के खुलने की संभावना को देखते हुए जब शिक्षक मदरसे में व्यवस्थाओं को दुरस्त करने पहुंचे तो कमेटी की ओर से उन्हें सेवा समाप्त करने का नोटिस थमा दिया गया। साथ कमेटी मदरसे नोटिस बोर्ड पर भी शिक्षकों की सेवा समाप्त किए जाने की सूचना चस्पा कर दी है।

          बताया कि बिना पूर्व सूचना के एक साथ तीस शिक्षकों की सेवा को समाप्त कर दिया गया है। जिससे उनके सामने रोजगार की समस्या पैदा हो गई है। कमेटी की ओर से उन्हें बकाया वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों ने बताया कि उनकी सेवा समाप्त किए जाने मदरसे में अध्ययनरत करीब आठ सौ नौनिहालों के भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है। धरना देने वालों में मौलाना मौहम्मद अब्बास, अनीस अहमद, अंजार अली, कारी गुलशेर, रहमान, माशूक आदि शामिल रहे।

          लॉकडाउन के दौरान मदरसा बंद होने से आय नहीं हुई है, जिसके चलते शिक्षकों को बता दिया गया है कि उन्हें कोई वेतन नहीं दिया जाएगा। मदरसा खुलने पर दुबारा सभी शिक्षकों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।  -असगर अली, अध्यक्ष मदरसा इंतजामिया कमेटी

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