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लोकसभा में पीएम मोदी के बोलते ही भारी हंगामा
Uttarakhand Herald

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच संसद के मानसून सत्र का आज आगाज हो गया। पेगासस स्पाइवेयर के मामले ने सरकार को घेरने के लिए विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के लोकसभा सांसदों ने तेल के बढ़ते दाम, महंगाई और कृषि कानूनों पर कार्यस्थगन नोटिस दिया। सांसदों ने इन विषयों पर सदन में बहस की मांग की है। कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनिकम टैगोर ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों व महंगाई पर सदन में चर्चा के लिए कार्यस्थगन नोटिस दिया। इसी तरह कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने भी कृषि कानूनों को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया। वहीं आम आदमी पार्टी के पंजाब से लोकसभा सांसद भगवंत मान ने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देते हुए चर्चा की मांग की है। 

      मॉनसून सत्र के पहले दिन लोक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे ही बोलने के लिए उठे, विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस सांसद महंगाई पर और अकाली व बसपा सांसद किसानों के मुद्दे पर वेल में आ गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे लगा था कि आज उत्साह का दिन होगा, लेकिन दलित, महिलाओं और ओबीसी के लोगों को मंत्री बनाए जाने की बात विपक्ष को हजम नहीं हो रही है। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने कोरोना के दौरान जिन सांसदों की मौत हुई, उनके बारे में जानकारी देनी शुरू कर दी।

हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नहीं करा पाये नये मंत्रियों का परिचय

     लोकसभा में हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी मंत्रिपरिषद में शामिल नये मंत्रियों का सदन में औपचारिक रूप से परिचय नहीं करा पाये और उन्हें मंत्रियों के परिचय के दस्तावेज सदन के पटल पर रखने पड़े। सदन में 11 कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले राष्ट्रगान हुआ और फिर नये नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात अध्यक्ष ओम बिरला ने नए मंत्रियों का सदन से परिचय कराने के लिए प्रधानमंत्री को पुकारा। लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। तीन कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर हो रहे शोरशराबे के बीच अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से आग्रह किया कि सदन की गरिमा एवं परंपरा उच्च रही है। इसे ना तोड़े, परंपरा की गरिमा कम नहीं करें। संसदीय कार्य मंत्री ने प्रल्हाद जोशी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नये मंत्रियों का परिचय कराना चाहते हैं।

        मोदी ने कहा, मैं सोच रहा था कि आज सदन में उत्साह का वातावरण होगा क्योंकि हमारी कई महिला सांसद मंत्री बनीं हैं। आज मुझे खुशी होती कि दलित भाई, आदिवासी मंत्री बने हैं। सबको खुशी होनी चाहिए कि हमारे बीच जो किसान हैं, ग्रामीण हैं, आर्थिक रूप से पिछड़े हैं, अन्य पिछड़े वर्ग के हैं, उन्हें मंत्रिपरिषद में मौका मिला है। शायद यह बात कुछ लोगों को रास नहीं आती है कि दलित महिला किसान मंत्री बनें। प्रधानमंत्री ने कहा, नवनियुक्त मंत्रियों को लोकसभा में परिचित समझा जाये। बिरला ने विपक्षी सदस्यों के व्यवहार पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि यह बिल्कुल अनुचित हैं। नये मंत्रियों की सूची को सदन के पटल पर रख सकते हैं।

      सदन के उपनेता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, यह सदन की स्वस्थ परंपरा रही है कि सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रधानमंत्री अपने मंत्रिपरिषद के नये सदस्यों का परिचय कराते हैं और पूरा सदन प्रधानमंत्री की बात सुनता है। सदन मंत्रिपरिषद से परिचित होता है। मैंने अपने 24 वर्षों के संसदीय जीवन में पहली बार ऐसा देखा है कि ये स्वस्थ परंपरा तोड़ी गयी है। कांग्रेस का यह आचरण दुर्भाग्यपूर्ण है।  

लोकसभा-राज्यसभा की कार्रवाई स्थगित
      विपक्ष के सांसदों के हंगामे के बीच लोक सभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित हो गई है, जबकि राज्य सभा की कार्यवाही को 12:24 बजे तक स्थगित कर दिया गया है।

शिरोमणि अकाली दल ने संसद के बाहर किया विरोध प्रदर्शन

       शिरोमणि अकाली दल ने कृषि कानूनों के खिलाफ संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बताया कि देश के किसान इंसाफ चाहते हैं। हम चाहते हैं कि सारी पार्टी एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ खड़ी हों और कानून वापस लेने का दबाव डालें।

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