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नीट एमडीएस कोर्स की काउंसलिंग में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार
Uttarakhand Herald

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट-एमडीएस यानी मास्टर्स ऑफ डेंटल सर्जरी कोर्स में दाखिले के लिए काउंसलिंग में देरी होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय नीट और मास्टर्स ऑफ डेंटल सर्जरी (नीट-एमडीएस) 2021 कोर्सेज के लिए काउंसलिंग को अंतिम रूप देने के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया पर देरी कर रहा है।

   पीठ ने कहा सरकार का इस प्रकार का ढुल-मुल रवैया सही नहीं है। शीर्ष अदालत ने मामले पर फैसला लेने में केंद्र की देरी पर कड़ा रुख अपनाया और एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और एम. आर. शाह की पीठ ने केंद्र के वकील से कहा, आप बस ढिलाई बरत रहे हैं। अभी एक बयान दें। पीठ ने कहा कि ये डॉक्टर मरीजों की सेवा में रहेंगे।

    केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराजन ने मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। इस पर पीठ ने कहा कि एएसजी के अनुरोध पर, हम याचिका में निर्धारित शिकायत के जवाब के लिए एक सप्ताह का समय देते हैं। 

   अदालत ने कहा, हमें उम्मीद है कि इस सप्ताह में एक त्वरित निर्णय लिया जाएगा और जब केंद्र परामर्श आयोजित करने का प्रस्ताव करेगा तो हमें सूचित किया जाएगा। पीठ ने यह भी कहा कि केंद्र को काउंसलिंग में देरी के कारण छात्रों को होने वाली समस्याओं के बारे में पता होना चाहिए। याचिका में कहा गया था कि प्रवेश परीक्षा 16 दिसंबर, 2020 को आयोजित की गई थी, लेकिन अब तक काउंसलिंग पर कोई अपडेट नहीं है।

   अधिवक्ता तन्वी दुबे और चारु माथुर के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है, याचिकाकतार्ओं द्वारा काउंसलिंग के कार्यक्रम के बारे में एक विचार प्राप्त करने के लिए प्रतिवादियों से संपर्क करने के लिए कई प्रयास किए गए थे, हालांकि, आज तक काउंसलिंग के संबंध में कोई अपडेट नहीं हुआ है। याचिका में यह भी कहा गया है कि परीक्षा और फिर परिणाम घोषित होने के बाद से अभी तक काउंसलिंग के बारे में कोई अपडेट नहीं दिए जाने के कारण उन्हें बेहद परेशानी हो रही है।

   शीर्ष अदालत ने 2 जुलाई को मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) द्वारा नीट-एमडीएस 2021 के लिए काउंसलिंग शेड्यूल की घोषणा में अन्यायपूर्ण और अनंत देरी को उजागर करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया था। याचिका में नीट-पीजी और नीट-एमडीएस काउंसलिंग के एक साथ संचालन के संबंध में चिंताओं का हवाला दिया गया है, क्योंकि नीट-पीजी को 31 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

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