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जम्मू एयरबेस के पास फिर दिखा संदिग्ध ड्रोन
Uttarakhand Herald

जम्मू। जम्मू स्थित एयरफोर्स स्टेशन के समीप बीती रात एक ड्रोन दिखा। हालांकि, एयरफोर्स स्टेशन के पास लगे एंटी-ड्रोन सिस्टम ने इस ड्रोन का डिटेक्ट करते हुए उसके आगे बढऩे के प्रयासों को विफल कर दिया। सूत्रों के मुताबिक यह ड्रोन कंट्रोल टॉवर से करीब 670 मीटर की दूरी तक आ गया था। जम्मू एयरबेस पर लगे एंटी ड्रोन सिस्टम ने इस ड्रोन को जाम कर दिया जिसकी वजह से वह आगे नहीं बढ़ पाया। बताया जा रहा है कि यह ड्रोन आसपास के इलाकों में कहीं गिरा है। गिरे हुए इस ड्रोन का पता लगाने के लिए सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया है। जम्मू एयरबेस पर पिछले महीने दो ड्रोन हमलों के बाद यहां एंटी ड्रोन सिस्मट की तैनाती हुई है। 18 दिन बीत जाने के बाद बुधवार को सातवीं बार यहां ड्रोन देखा गया है।

        इससे पहले भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अरनिया और हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि से हड़कंप मच गया था। अरनिया सेक्टर में बीएसएफ के जवानों ने आसमान में लाल रंग की लाइट देखते ही फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि यह पाकिस्तान ड्रोन था, जिसे वापस खदेड़ दिया गया। वहीं कठुआ के हीरानगर सेक्टर में स्थानीय लोगों ने ड्रोन जैसी आवाज सुनी। आसमान में पीले रंग की लाइट भी देखी। दोनों ही जगह एहतियातन तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन कोई भी आपत्तिजनक सामग्री या सुराग नहीं लगा।

        दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले आरोपी को पोखरण, राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बीकानेर, राजस्थान निवासी हबीब खान(48) के रूप में हुई है। आरोपी को पहले हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के साथ-साथ भारतीय सेना से जुड़े गोपनीय दस्तावेज उपलब्ध करा रहा था। शुरूआती जांच में ये बात सामने आई है कि उसने पोखरण सेना के आधार शिविर में तैनात भारतीय सेना के एक अफसर से गोपनीय दस्तावेज बरामद किए थे।

        फिलहाल उसके पास सेना एरिया में सब्जी सप्लाई करने का ठेका था। इस कारण आरोपी की पहुंच सेना की रसोई तक थी। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले तक वह सेना के जांच के दायरे में भी आया था। ये भी माना जा रहा है कि सेना के कुछ और लोगों व कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ सकती है। दिल्ली पुलिस ने इस बारे में अधिकारिक जानकारी देने से इनकार कर दिया।

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