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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही मुख्यमंत्री एक बीघा योजना
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही मुख्यमंत्री एक बीघा योजना
मंडी। हिमाचल सरकार की ‘मुख्यमंत्री एक बीघा योजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में बहुत मददगार साबित हो रही है। प्रदेश में हजारों की संख्या में पात्र लाभार्थी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। मंडी जिला में भी ‘मुख्यमंत्री एक बीघा योजना’ का लाभ लेने वालों की तादाद में दिनों दिन इजाफा हो रहा है। योजना के तहत जिला में 800 कार्यों पर 3.59 करोड़ से ज्यादा खर्चे जा रहे हैं।
      बता दें, मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर ने 21 मई, 2020 को इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारम्भ किया था। इस योजना को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से जोड़ा गया है ताकि ग्रामीण आर्थिकी को बल मिल सके। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न व्यक्तिगत विकास कार्यों के लिए मदद ले सकती हैं।  
      मंडी के जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी नवीन शर्मा बताते हैं कि योजना के अंतर्गत एक महिला या उनका परिवार जिनके पास एक बीघा (या 0.4 हेक्टेयर) तक की भूमि है, वह व्यक्तिगत विकास कार्यों के लिए मदद ले सकते हैं। इसमें सब्जियों और फलों को उगाने के लिए बैकयार्ड किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा योजना के तहत महिलाएं भूमि विकास कार्य, जलसंरक्षण संरचना निर्माण, वर्मी कम्पोस्ट बनवाने जैसे एक लाख रुपये तक के विभिन्न कार्य करवा सकती हैं। स्वरोजगार से जुड़े अन्य व्यक्तिगत विकास कार्यों के लिए भी इसमें मदद दी जा रही है।

1,847 कार्यों को स्वीकृति
      परियोजना अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत मंडी जिला में जून माह के अंत तक 3,034 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 1,847 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। जिसमें सराज विकास खंड में 56, बालीचौकी में 102, चौंतड़ा में 536, बल्ह में 133, धर्मपुर में 142, गोहर में 65, सुन्दरनगर विकास खंड में 332, गोपालपुर में 141, दं्रग में 46, सदर में 238 तथा करसोग विकास खंड में 56 कार्य सम्मिलित हैं ।
उन्होंने बताया कि 1,847 कार्यों में से 800 कार्य आरंभ किए जा चुके हैं, इनमें से 243 कार्य पूरे भी कर लिए गए हैं । योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 47 लाख 36 हजार रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है तथा 2 करोड़ 11 लाख 85 हजार रूपये की राशि वर्तमान में चल रहे कार्यो पर व्यय की जा रही है।

ऐसे लें योजना का लाभ
      नवीन शर्मा का कहना है कि इस योजना के तहत लाभार्थी अपना काम मनरेगा शैल्फ में शामिल करवा सकते हैं, यदि किसी का नाम मनरेगा शैल्फ में नहीं है तो वे पंचायत से मंजूरी लेकर भी योजना का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि मंडी जिला में 5000 से ज्यादा स्वयं सहायता समूह पंजीकृत हैं, जिनसे करीब 35 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। वे इस योजना का लाभ ले सकती हैं। इसके लिए संबंधित बीडीओ कार्यालय से भी जानकारी ली जा सकती है।

लाभार्थियों ने किया सीएम का धन्यवाद
     योजना का लाभ पाने वाले लाभार्थियों ने ग्रामीण जनता के लिए लाभकारी इस योजना को आरंभ करने के लिए मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर का दिल से धन्यवाद किया है। योजना के सैंकड़ों लाभार्थियों की तरह ही मंडी जिला की ग्राम पंचायत कोठी के टिक्करी गांव की रीना देवी और ग्राम पंचायत बाल्ट के रठोह गांव की मंजू देवी मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर का बारंबार आभार जताते हुए बताती हैं कि उन्होंने योजना की मदद से अपना किचन गार्डन तैयार किया है, जिसमें अभी मौसमी सब्जियां लगाई हैं। इससे न केवल घर-गृहस्थी की जरूरतें पूरी हो रही हैं बल्कि इससे अतिरिक्त आमदनी का भी रास्ता बना है।
 
     वहीं ग्राम पंचायत दियारगी की निर्मला देवी बताती हैं कि वे योजना के की मदद से अपने पशुओं के लिए गौशाला बनवा रही हैं। उन्हें इसके लिए सरकार से 35 हजार रुपये की मदद मिली है, जिसके लिए वे मुख्यमत्री श्री जय राम ठाकुर की तहेदिल से आभारी हैं।

क्या कहते हैं जिलाधीश
     जिलाधीश अरिंदम चौधरी का कहना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने को चलाई सभी सरकारी योजनाओं का मंडी जिला में प्रभावी कार्यान्वयन तय बनाया गया है। इस ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर बनें। मुख्यमंत्री एक बीघा योजना इसमें कारगर रही है। ये परिवार की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही अतिरिक्त आय का साधन भी बनी है।

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