प्रेमचंद अग्रवाल के बाद कांग्रेस ने मांगा केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल का इस्तीफा

-करन माहरा ने दिलाई शपथ की याद

देहरादून। प्रेमचंद अग्रवाल के विवादित बयान का मुद्दा उनके इस्तीफे के बाद कुछ शांत ही हुआ था कि अब बीजेपी के एक और विधायक का बयान सुर्खियों में है। रुद्रप्रयाग जिले की केदारनाथ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक आशा नौटियाल ने हाल ही में केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसके बाद वो भी विपक्ष के निशाने पर आ गई हैं। कांग्रेस अब बीजेपी विधायक आशा नौटियाल के भी इस्तीफे की मांग रही हैं। हालांकि उस बयान के बाद आशा नौटियाल ने अपने बयान को सॉफ्ट करके बदल दिया है। लेकिन कांग्रेस उनके पुराने बयान पर हमलावर है।

बीजेपी विधायक आशा नौटियाल के बयान पर अब उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की भी प्रतिक्रिया आई। करन माहरा ने सीधे-सीधे बीजेपी विधायक आशा नौटियाल से उनके इस्तीफे की मांग की है।

करन माहरा ने कहा कि केदारनाथ में जितने भी घोड़े-खच्चर चलते हैं, उनमें 50 प्रतिशत लोग माइनॉरिटी से हैं। विधायक आशा नौटियाल को ये भी बताना चाहिए कि अमरनाथ गुफा की खोज किसने की थी। सनातन धर्म बहुत बड़ा है, सनातन धर्म लोगों को स्वीकार करना सिखाता है, दया और धर्म सिखाता है। ऐसे में इस तरह के बयान से खासकर विधायक को बचना चाहिए। भारत देश संविधान से चलता है और आशा नौटियाल ने अपनी शपथ को तोड़ने का काम किया है, ऐसे में उनको अपने विधायक पद से इस्तीफा देना चाहिए।

बता दें कि हाल ही में केदारनाथ यात्रा को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें भाजपा विधायक आशा नौटियाल ने कहा था कि कुछ लोग जो गैर हिंदू हैं, वह धाम और उसके रास्ते में शराब और मांस की बिक्री करते हैं। धाम की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए उनकी मांग है कि केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित हो। हालांकि अब आशा नौटियाल ने अपने बयान में बदलाव कर दिया है। अब उनका कहना है कि जो लोग केदारनाथ धाम और उसके रास्ते में शराब और नॉनवेज बेचते हैं, उन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

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