टिहरी। मंगलवार को जिला सभागार नई टिहरी में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक आहूत की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यो को प्राथमिकता दें तथा गाइडलाइन/मानकानुसार कार्य किये जायें। जिलाधिकारी ने जल संरक्षण अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्रोतों के कार्यों को तेजी से गुणवत्ता पूर्वक करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकरियों को दिये।
जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के तहत जिलाधिकारी ने विभिन्न पम्पिंग एवं ग्रेवटी पेयजल योजनाओं, एफएचटीसी आदि कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ‘‘हर घर जल‘‘ योजना में सर्टिफिकेशन के को 68 प्रतिशत से बढ़ा कर शत प्रतिशत वृद्वी करने निर्देश दिये। उन्होने डीपीआरओ को सूची बना कर ग्राम प्रधान के साथ मिल कर कार्य करने के निर्देश दिए। मिशन अमृत सरोवर की समीक्षा के दौरान बताया कि फेज 2 में सामुदायिक जल संचयन तालाबों का निर्माण, मत्स्य पालन तालाबों का निर्माण एवं जीर्णाेद्धार सम्बन्धी कार्य किये जा रहे है, जिसमें चमियाला में तीन लंबगांव में एक और घनसाली में चार सेप्टिक टैंक शामिल है। समीक्षा बैठक में वास प्रोजेक्ट के तहत फेज-1 में 85 गांवों को चिन्हित करने का कार्य देव ऋषि एजुकेशन संस्था के द्वारा पूर्ण करने के बाद डीपीआर का अनुमोदन किया गया। जिसमें विकासखण्ड प्रतापनगर, भिंलगना तथा जाखणीधार के गांव शामिल है।
बैठक में सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, पीडीडीआरडीए पीएस चौहान, डीडीओ मौ. असलम, डीपीआरओ एम.एम.खान, ईई जल निगम केएन सेमवाल, सिंचाई अनूप ड्यूंडी सहित जल संस्थान, पेयजल निगम एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।