एमएडी (MAD) ने देहरादून के मेयर के साथ रिस्पना नदी पुनर्जीवन पर किया संवाद

देहरादून। रिस्पना नदी के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, देहरादून की छात्र-संगठन मैड (MAD) Make A Difference के सदस्यों ने आज नगर निगम कार्यालय में शहर के मेयर के साथ एक सार्थक चर्चा की। इस बैठक में नदी की सफाई और पुनर्जीवन के लिए रणनीतियों पर विचार किया गया, जो बढ़ते पर्यावरणीय खतरों का सामना कर रही है।

चर्चा के दौरान, मैड की टीम ने नदी के किनारों पर बढ़ते अतिक्रमण और इसके जल में अनियमित कचरा निस्तारण को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से शिखर फॉल्स के आसपास के संवेदनशील ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया। रिस्पना के पुनरुद्धार के लिए एक दशक से अधिक समय से प्रयासरत और इस विषय पर कई सर्वेक्षण कर चुकी मैड की टीम ने मेयर के समक्ष कुछ ठोस सुझाव प्रस्तुत किए। सुझाओं में शिखर फॉल्स क्षेत्र से अतिक्रमण हटाना, शिखर फॉल्स पर प्लास्टिक ले जाने के लिए एक सुरक्षा राशि जमा योजना लागू करना, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में जाल, कूड़ेदान स्थापित करना और नियमित सफाई सुनिश्चित करना, अवैध कचरा निस्तारण की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना, नियमित सफाई अभियान चलाना और कड़े कचरा प्रबंधन नियम लागू करना, सीवेज ट्रीटमेंट और औद्योगिक अपशिष्ट नियंत्रण उपाय लागू करना, वनीकरण और ग्रीन बेल्ट विकास को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण पर जन जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम शुरू करना।

मेयर ने मैड के प्रस्तावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और उनके इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने एनजीओ के सदस्यों के साथ मिलकर एक स्वच्छ रिस्पना के लिए कार्य करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने चुनाव से पहले एनजीओ द्वारा उपहार में दी गई रिस्पना नदी के पानी से भरी बोतल को सम्भाल कर रखने की बात कही और यह भी उल्लेख किया कि जैसे-जैसे नदी की सफाई और पुनर्जीवन कार्य आगे बढ़ेगा, वह और अधिक पानी की बोतलें प्राप्त करने के लिए उत्सुक हैं। यह बैठक आशावादी माहौल में संपन्न हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने निरंतर संवाद बनाए रखने और देहरादून की नदियों के पुनर्जीवन के मिशन में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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