दिल्ली। सोशल मीडिया मंच एक्स ने About This Account नाम से एक नया फीचर लॉन्च किया है, जिसके ज़रिए अब किसी भी अकाउंट की लोकेशन और निर्माण तिथि जैसी अहम जानकारी एक क्लिक में जाँची जा सकेगी। माना जा रहा है कि इस फीचर के आने से फेक अकाउंट्स, भ्रामक कंटेंट और देश-विरोधी एजेंडा चलाने वालों पर बड़ी लगाम लगेगी।
एक्स द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, About This Account फीचर में यूज़र यह जान सकेंगे कि-
• किसी पोस्ट को किस देश से किया गया है,
• संबंधित अकाउंट कब बनाया गया,
• हैंडल का यूज़रनेम कब-कब बदला गया,
• अकाउंट किन लोकेशंस से सबसे अधिक सक्रिय रहता है।
यानि अब किसी भी एक्स हैंडल की पूरी “कुंडली” बेहद आसानी से देखी जा सकेगी। यूज़र को बस प्रोफाइल पर जाकर ‘About This Account’ विकल्प चुनना होगा, जिसके बाद लोकेशन समेत तमाम विवरण सामने आ जाएंगे।
अकाउंट लोकेशन सार्वजनिक करने का निर्णय क्यों?
ऑनलाइन फ्रॉड, ब्लैकमेलिंग, स्कैम और सोशल मीडिया के दुरुपयोग की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए एक्स ने यह बड़ा कदम उठाया है। भारत सहित कई देशों की सरकारें लगातार एक्स से पारदर्शिता बढ़ाने और फेक अकाउंट्स पर कार्रवाई तेज करने की मांग कर रही थीं।
गौरतलब है कि IT एक्ट की धारा 69A के तहत सरकार को ऐसे मामलों में नोटिस जारी करने और नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई करने का अधिकार है जिसके तहत सात साल तक की सज़ा का प्रावधान भी शामिल है।
भारत में भी 2019 में देश-विरोधी गतिविधियों के चलते चार एक्स हैंडल्स पर रोक लगाई गई थी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने नियमों की अनदेखी पर एक्स पर 50 लाख रुपये का जुर्माना तक लगाया था। किसान आंदोलन के दौरान भी सरकार की शिकायतों के बाद एक्स ने 500 से अधिक हैंडल्स को सस्पेंड किया था।
विदेश से बैठकर भारत विरोधी नैरेटिव चलाने के आरोप लंबे समय से सामने आते रहे हैं चाहे किसान आंदोलन हो, ऑपरेशन सिंदूर हो या हिंदू-विरोधी सामग्री का प्रसार। लेकिन एक्स के इस नए फीचर के बाद ऐसे कई चर्चित अकाउंट्स की वास्तविक लोकेशन सामने आ रही है, जिससे उनकी असलियत उजागर होने लगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर पारदर्शिता को बढ़ावा देगा और नफरत फैलाने वाले या एजेंडा चलाने वाले अकाउंट्स की पहचान पहले से कहीं आसान हो जाएगी।
नए फीचर की लॉन्चिंग के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि एक्स पर गलत सूचना, फेक हैंडल्स और देश-विरोधी गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जा सकेगी, जिससे प्लेटफॉर्म को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।
