रिटायर्ड ARTO के घर मिला कुबेर का खजाना

लखनऊ। आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिटायर्ड एआरटीओ ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर विजिलेंस टीम ने 7 और 8 जुलाई को एक-एक कमरे की बारीकी से तलाशी ली। कई घंटे तक चली इस छापेमारी में घर के अलग-अलग हिस्सों की गहन जांच की गई। तलाशी आगे बढ़ी तो एक के बाद एक ऐसे खुलासे होने लगे, जिन्होंने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

घर से करोड़ों की नकदी, भारी मात्रा में सोना-चांदी, कीमती आभूषण और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद होने के बाद अब पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है। विजिलेंस के छापे में खुला करोड़ों की संपत्ति का राज।  बता दें कि ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला वर्ष 2024 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। कोर्ट से तलाशी वारंट मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने 7 और 8 जुलाई को ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर करीब 26 घंटे तक छापेमारी की। कार्रवाई में घर से करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिन्हें अलग-अलग पैकेटों में घर के कई स्थानों पर छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा लगभग 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, हीरे और अन्य कीमती आभूषण भी बरामद किए गए।

सरकारी आकलन के अनुसार केवल सोना, चांदी और नकदी की कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। तलाशी में लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली समेत कई जगहों पर मकान, प्लॉट, फ्लैट और कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। विजिलेंस के मुताबिक अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये है। इसके अलावा टोयोटा इनोवा, हुंडई i20 कार, बैंक खातों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। अब तक की जांच में नकदी, आभूषण, संपत्तियां, वाहन और निवेश समेत कुल बरामद संपत्ति की कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है।

फिलहाल विजिलेंस सभी संपत्तियों के सत्यापन और मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। फिलहाल, करोड़ों की इस बरामदगी ने हर किसी को हैरान कर दिया है।अब विजिलेंस पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस अकूत संपत्ति का असली स्रोत क्या है।

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