हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के शताब्दी समारोह के अंतिम दिन आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत के नवनिर्माण में शांतिकुंज की भूमिका अहम है। विकसित भारत के निर्माण में आध्यात्मिक की चेतना के साथ विश्व को नई दिशा दिखने में शांतिकुंज जैसी संस्थाओं की भूमिका भी अहम होगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा के इस समय पूरे विश्व में अशांति स्थिरता और अनिश्चित का माहौल है और व्यापार को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि गायत्री तीर्थ शांतिकुंज द्वारा युग निर्माण का जो संकल्प लिया गया है उससे आने वाले समय में भारत वैभवशाली आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत होगा जो न केवल राष्ट्र को बल्कि पूरे विश्व को एक नई दिशा देने का काम करेगा।
इस अवसर पर गायत्री तीर्थ दलनायक डॉ चिन्मय पंड्या ने कहा कि आज इस कार्यक्रम का समापन हो रहा है परंतु यहीं से नए युग की भी शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज ने जो तीन संकल्प लिए हैं जिनमें पर्यावरण की शुद्धि व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण के साथ राष्ट्र का निर्माण शामिल है।
