पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन के बीच पारंपरिक व्यापार सात साल बाद फिर शुरू होने जा रहा है। कोविड-19 और सीमा परिस्थितियों के चलते 2019 से बंद यह व्यापार अब केंद्र सरकार की पहल के बाद दोबारा बहाल किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता में लिपुलेख सहित अन्य व्यापारिक मार्गों को खोलने पर सहमति बनी है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां फिर से तेज होंगी।
भारत सरकार के निर्देश के बाद पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने भी दोनों देशों के बीच फिर से व्यापारिक गतिविधियां शुरू करने के लिए तैयारियां तेज कर दी है। सामान्य रूप से, लिपुलेख से होने वाले व्यापार में भारत की ओर से मसाले, जड़ी बूटी, गुड़, चीनी, बर्तन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भेजी जाती हैं, जबकि चीन की ओर से ऊन, कपड़े, जूते, नमक, पशु उत्पाद और हस्तशिल्प सामग्री का आयात किया जाता है। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगई ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, स्वास्थ्य जांच, करेंसी एक्सचेंज, कस्टम, सड़क और संचार व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि जून के पहले सप्ताह से व्यापार शुरू किया जाएगा।
