नई दल्ली। फ्रांस और इटली की तरह ही अल्बानिया में भी विरोध-प्रदर्शनों का दौर जारी है। प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव देखने को मिला। प्रदर्शन करने लोगों ने पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके तो वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
सरकारी भ्रष्टाचार, नौकरियों की कमी और शिक्षा के खराब स्तर को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। इसी गुस्से के चलते हो रहे ये प्रदर्शन अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। अल्बानिया की राजधानी तिराना और अन्य शहरों में भी विरोध-प्रदर्शन फैल गए हैं। सरकारी इमारतों और बैंकों में आगजनी, दुकानों में तोड़फोड़ जैसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं।
अल्बानिया में हिंसा की शुरुआत 13 अक्टूबर को हुई थी और 17 अक्टूबर को यह अपने चरम पर पहुंच गई। जब शिक्षा मंत्रालय के बाहर हजारों लोग जमा हो गए और दंगा-रोधी पुलिस पर पथराव किया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और रबर की गोलियां चलाईं।
यह स्थिति प्रधानमंत्री रामा के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। रामा 2013 से सत्ता में हैं और पिछले साल ही उन्होंने चौथी बार कार्यकाल जीता था।
