नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की ताकत में एक नया अध्याय जुड़ गया है। समुद्र की लहरों को चीरते हुए और दुश्मन के रडार को चकमा देने (स्टील्थ) में माहिर युद्धपोत INS महेंद्रगिरी-F38 समंदर में राज करेगा। इस विध्वंसक फ्रिगेट को विशाखापत्तनम में विधिवत रूप से नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया।
इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने किया है। इस अल्ट्रा मॉडर्न युद्धपोत का डिजाइन भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा स्वदेशी रूप से तैयार किया गया है।
इस खास मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा – West एशिया में conflict शुरू होने के बाद, Indian Navy ने Operation ऊर्जा सुरक्षा के माध्यम से, 9,000 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य के आवश्यक cargo को लेकर चल रहे, 18 merchant vessels को सुरक्षित escort किया।
इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने MAHA SAGAR के बारे में कहा- आज के समय में पूरी दुनिया की निगाहें Indo-Pacific region पर हैं, और इस क्षेत्र में भारत की भूमिका बड़ी महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी conventional और modern, दोनों क्षमताएँ मिलकर कैसे एक साथ काम करती हैं। Operation Sindoor, अपने आप में इसका एक बड़ा उदाहरण था।
