वोटर लिस्ट रिवीजन का मकसद पात्रों को शामिल करना- ज्ञानेश कुमार

नई दिल्ली।  चुनाव आयोग ने असम में आगामी चुनावों के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और राज्य में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने घोषणा की है कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्य के सभी 31,486 पोलिंग स्टेशनों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाताओं की सीमा निर्धारित की है। इसके अलावा, मतदान केंद्रों के प्रवेश द्वार पर मोबाइल जमा करने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों की पहचान स्पष्ट करने के लिए अब मतपत्रों पर ब्लैक एंड व्हाइट के बजाय रंगीन फोटो का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इन पहलों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुगम और विश्वसनीय बनाना है।

इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के उद्देश्य को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस रिवीजन का एकमात्र मकसद सभी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना था। साथ ही, जो लोग मतदान के लिए अयोग्य हैं, उन्हें सूची से बाहर करना भी आयोग की प्राथमिकता रही। ज्ञानेश कुमार ने इसे भारतीय संविधान के अनुरूप चुनाव आयोग का महत्वपूर्ण दायित्व बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आयोग अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण और निष्पक्ष निर्वहन कर रहा है।

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