नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बदलते हालात के मद्देनज़र भारत सरकार ने अहम क्षेत्रों में तैयारियों को लेकर सक्रिय कदम उठाए हैं। ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सहायता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और समन्वय किया जा रहा है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी चुनौती से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी बिना किसी बाधा के जारी है। पैनिक बुकिंग में भी अब कमी दर्ज की गई है।
सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर कुल 50% कर दिया है। इसमें से लगभग 50% आपूर्ति अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है। पिछले 8 दिनों में करीब 15,440 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी आवंटित की गई है।
इसके अलावा राज्यों को 48 हज़ार किलोलीटर अतिरिक्त केरोसीन आवंटित किया गया है, ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके। देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती करते हुए अब तक करीब 3,500 जगहों पर छापे मारे गए हैं और 1,200 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम और जिला स्तरीय निगरानी समितियां स्थापित की गई हैं।
समुद्री मोर्चे पर 22 भारतीय जहाजों में 611 नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटे में 13 नाविकों समेत अब तक 547 से अधिक नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई जा चुकी है। 28 फरवरी से अब तक 3.5 लाख से अधिक भारतीय स्वदेश लौटे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और घबराकर खरीदारी न करें।
