आपदा के 10 माह बाद भी लगघाटी की सड़कों पर नहीं लौटी बसें, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की लगघाटी में आपदा के 10 माह बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। आधा दर्जन से अधिक पंचायतों में सड़कों की स्थिति अब भी खराब बनी हुई है, जिसके चलते पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसें पूरी तरह बंद हैं। इसका खामियाजा ग्रामीणों को रोजाना भुगतना पड़ रहा है।

लगघाटी के भूमतीर, पीज, भल्याणी, जेठानी, थाच माशणा, तण्डारी डुबकन, खणि पांद, बुआई, कनौण और तेलंग जैसे क्षेत्रों में लोगों की जिंदगी प्रभावित हो गई है। बस सेवा बंद होने के कारण ग्रामीणों को पैदल सफर करना पड़ रहा है और कई बार उन्हें जरूरी सामान पीठ पर ढोना पड़ता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, घाटी के सैकड़ों दूध विक्रेता रोजाना कुल्लू शहर तक पहुंचने के लिए छोटे वाहनों का सहारा ले रहे हैं, जिससे उनका खर्च काफी बढ़ गया है। एक व्यक्ति को प्रतिदिन करीब 200 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जो ग्रामीणों के लिए बड़ी आर्थिक परेशानी बन चुका है।

ग्राम पंचायत चौपड़सा की पूर्व प्रधान विमल ठाकुर ने बताया कि सड़कों की मरम्मत का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसके चलते लोगों को बस सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि इन क्षेत्रों के लिए छोटी बसें चलाई जाएं ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।वहीं, भूमतीर की स्थानीय निवासी बंतों देवी का कहना है कि पिछले कई महीनों से बस सेवा बंद है और सड़कें जगह-जगह से टूटी हुई हैं। इसका सबसे ज्यादा असर दूध बेचने वालों और स्कूल-कॉलेज के छात्रों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना पैदल या महंगे साधनों से सफर करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ठाकुर और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत कर बस सेवा बहाल की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और उनका दैनिक जीवन सुचारू हो सके।

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