नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है और फिलहाल तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने युद्धविराम की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक जहाजरानी के लिए पूरी तरह खोलने की शर्त रखी है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जब तक यह शर्त पूरी नहीं होती, सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि जलडमरूमध्य “शत्रुओं” के लिए बंद रहेगा और यह उनके नियंत्रण में है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
इस बीच इज़राइल भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेंगे और नए क्षेत्रीय गठबंधन बनाए जा रहे हैं।
जमीनी स्तर पर मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है, जिनमें नागरिक क्षेत्रों को भी निशाना बनाया जा रहा है। दोनों पक्षों में हताहतों की खबरें सामने आई हैं।
कूटनीतिक प्रयास फिलहाल ठप पड़े हैं, जबकि क्षेत्र में व्यापक संघर्ष और अस्थिरता का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
