चमोली। चमोली जिले में समुद्र तल से 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी आज से पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। 31 अक्टूबर तक खुली रहने वाली इस घाटी में पहले ही दिन 108 पर्यटकों ने प्रवेश किया। हर वर्ष हजारों देशी-विदेशी पर्यटक यहां दुर्लभ और रंग-बिरंगे फूलों का दीदार करने पहुंचते हैं। घांघरिया स्थित प्रवेश द्वार पर पूजा-अर्चना के साथ घाटी को पर्यटकों के लिए खोला गया।
पहले दिन 108 पर्यटक घाटी की ओर रवाना हुए। भारतीय पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 200 रुपये, विदेशी पर्यटकों के लिए 800 रुपये, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 100 रुपये निर्धारित है। 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों का प्रवेश निशुल्क है। जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि पर्यटकों के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है। पिछले वर्ष फूलों की घाटी में 15,924 पर्यटक पहुंचे थे, जिनमें 416 विदेशी शामिल थे। इससे पार्क प्रशासन को 33 लाख रुपये से अधिक की आय हुई थी। घाटी का दीदार करने पहुंचे पर्यटकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। उनका कहना है कि फूलों की घाटी की सुंदरता को करीब से देखने का अनुभव बेहद खास है। प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध फूलों की घाटी की खोज वर्ष 1931 में ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस. स्माइथ ने की थी। वर्ष 1982 में इसे राष्ट्रीय उद्यान और 2005 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। घाटी में 500 से अधिक प्रजातियों के फूल खिलते हैं, जबकि वर्तमान में 20 से अधिक प्रजातियों के फूल खिले हुए हैं।
