नई दिल्ली। देश में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी सीडीएससीओ (CDSCO) लगातार निगरानी कर रहा है। मई 2026 की ताजा जांच रिपोर्ट में 159 दवा नमूने तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय प्रयोगशालाओं में 46 और राज्यों की प्रयोगशालाओं में 113 दवा नमूनों को गुणवत्ता के मानकों से कम पाया गया।
हालांकि सीडीएससीओ (CDSCO) ने स्पष्ट किया है कि यह निष्कर्ष केवल जांच किए गए विशेष बैचों तक सीमित है और इससे उसी दवा के बाजार में उपलब्ध अन्य बैचों की गुणवत्ता पर कोई सामान्य निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। रिपोर्ट में असम से एक नकली दवा यानी स्प्यूरियस दवा का मामला भी सामने आया है। जांच में पाया गया कि एक अनधिकृत निर्माता ने किसी अन्य कंपनी के ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर दवा बनाई थी। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम तथा नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीडीएससीओ (CDSCO) का कहना है कि राज्य औषधि नियामकों के साथ मिलकर ऐसी दवाओं की नियमित पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें बाजार से हटाकर लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचाई जा सकें।
