नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के 38वें दिन हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोलने पर बड़े हमले की धमकी दी है। उन्होंने ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाने की बात कही, हालांकि बाद में हमले की समयसीमा बढ़ाने के संकेत भी दिए।
इस बीच ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि उसके बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि ईरानी सेना हर स्थिति के लिए तैयार है और जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब पहले जैसा नहीं रहेगा और क्षेत्र में नया समुद्री व्यवस्था लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। ईरानी संसद में जहाजों पर शुल्क और अमेरिका-इजरायल से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
संघर्ष के बीच तेहरान के पास एक रिहायशी इमारत पर हवाई हमले में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आसपास भी हमले की खबर है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने हाइफा पर मिसाइल दागी, जिसमें दो लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। तेल बाजार पर भी इस तनाव का असर दिख रहा है। OPEC+ के आठ देशों ने मई में उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है, लेकिन चेतावनी दी है कि क्षेत्र में हमले और समुद्री मार्गों में बाधा से वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
