ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम निर्माण केंद्र

ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) बनाने की योजना तैयार हो चुकी है। इसके जरिए भारत को दूरसंचार उपकरण (Telecom Equipment) बनाने के मामले में दुनिया का सिरमौर बनाने की तैयारी है। परियोजना के पहले चरण में यह ज़ोन 170 एकड़ ज़मीन पर उतरेगा, जिसमें निवेशकों के लिए बंपर छूट और आधुनिक सुविधाएं देने का ऐलान किया गया है।

परियोजना के लिए निवेशकों को आमंत्रित करने हेतु मुंबई में एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए।

इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार कंपनियों को कर्मचारियों के आधार पर आर्थिक मदद भी देगी।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत दूरसंचार क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि 5जी तकनीक में भारत ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और अब देश दूरसंचार उपकरण बनाने में भी दुनिया में आगे बढ़ना चाहता है।

उन्होंने बताया कि पहले भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन बहुत कम होता था और बड़ी मात्रा में मोबाइल बाहर से मंगाने पड़ते थे। अब भारत में 33 करोड़ मोबाइल फोन बनाए जा रहे हैं। दुनिया में बनने वाले एप्पल के करीब 15 से 20 प्रतिशत मोबाइल भी अब भारत में तैयार हो रहे हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर में बनने वाला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन कंपनियों को एक ही जगह पर कई सुविधाएं देगा। इसमें सामान बनाने की जगह, जांच के लिए प्रयोगशालाएं और नई तकनीक पर काम करने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

पहले चरण में ग्वालियर में 170 एकड़ जमीन पर यह ज़ोन बनाया जाएगा। इसमें 70 एकड़ में पहले से मौजूद आईटी पार्क शामिल होगा और 100 एकड़ अतिरिक्त जमीन इस परियोजना के लिए दी गई है। सरकार ने निवेश करने वाली कंपनियों के लिए कई सुविधाओं की घोषणा भी की है। इनमें जमीन से जुड़े शुल्क में राहत, बिजली पर छूट, कर्मचारियों की भर्ती पर आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण में मदद और बड़ी परियोजनाओं के लिए आर्थिक सहायता शामिल है।

Leave a Reply