भ्रष्टाचार पर राजस्व मंत्री की सख्ती, 8 और अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई

पटना। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। विभागीय मामलों की समीक्षा के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को आठ अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई को मंजूरी दी।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

सबसे कड़ी कार्रवाई जहानाबाद के रतनीफरीदपुर के तत्कालीन अंचल निरीक्षक संतु कुमार राम के खिलाफ की गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के मामले में उनके पेंशन में 100 प्रतिशत स्थायी कटौती का दंड लगाया गया है।

रोहतास के करगहर के तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी सुरजेश्वर श्रीवास्तव पर बिना सूचना और वैध कारण के लगातार अनुपस्थित रहने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है।

मधेपुरा के मुरलीगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी जयप्रकाश स्वर्णकार पर स्थानांतरण के बाद भी बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन के आरोप में द्वितीय कारणपृच्छा अभ्यावेदन मांगा गया है।

भागलपुर के नारायणपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी अजय कुमार सरकार पर दाखिल-खारिज के बदले पांच लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में विभागीय कार्यवाही चल रही है। वहीं, रोहतास के डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी सीमा रानी पर सरकारी भूमि अभिलेखों में जालसाजी, भूमि बंदरबांट और अनियमित दाखिल-खारिज से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच जारी है।

नालंदा के एकंगरसराय के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी आमोद कुमार और बांका के बौंसी के तत्कालीन अंचल अधिकारी विजय कुमार गुप्ता पर एक ही दस्तावेज को पहले अस्वीकृत और बाद में स्वीकृत करने की अनियमितताओं के आरोप पाए गए हैं। विजय कुमार गुप्ता के पेंशन में दो वर्षों तक 10 प्रतिशत कटौती का दंड लगाया गया है, जबकि आमोद कुमार से द्वितीय कारणपृच्छा अभ्यावेदन मांगा गया है।

इसके अलावा बांका के बेलहर के तत्कालीन अंचल अधिकारी नागेंद्र प्रसाद के खिलाफ भी इसी तरह के मामलों में आरोप पत्र गठित किया गया है।

डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले एक महीने में राजस्व विभाग में कुल 50 अंचल अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जो सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाता है।

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