नई दिल्ली। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ की त्रासदी को नौ दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रभावित इलाकों में अब भी शवों की बरामदगी का सिलसिला जारी है। मृतकों की संख्या बढ़कर 1,252 हो गई है, जबकि 4,875 लोग अब भी लापता हैं। हर गुजरते दिन के साथ लापता लोगों के परिजनों की अपनों के लौटने की उम्मीद धूमिल होती जा रही है।

नेपाल पुलिस के मुताबिक, सबसे ज्यादा 355 शव चितवन से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व से 218, नवलपरासी पश्चिम से 208 और नुवाकोट से 177 शव मिले हैं। वहीं, रसुवा से 127, गोरखा से 69, धादिंग से 60 और तनहूं से 38 शव बरामद किए गए हैं। लापता लोगों का लंबे समय से कोई सुराग नहीं मिलने के बाद अब कई परिवारों ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार शुरू कर दिए हैं। परिजन भारी मन से उन अपनों के अंतिम संस्कार की रस्में निभा रहे हैं, जिनके शव अब तक नहीं मिल सके हैं।
उधर, नेपाल की सीमा से लगे तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी अचानक आई बाढ़ से हालात गंभीर हैं। यहां बाढ़ से 21 लोगों की मौत हुई है, जबकि 541 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ के बाद करीब 100 नेपाली नागरिक तिब्बत में लापता हैं। वहीं, केरुंग सीमा नाके पर करीब 1,500 नेपाली नागरिक अब भी फंसे हुए हैं। दोनों देशों के अधिकारी फंसे हुए नेपाली नागरिकों को सुरक्षित नेपाल वापस लाने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं।
